रं देश में (ओम पर्वत/आदि कैलास यात्रा वृत्तांत)
भाग 1:यात्रा मार्गदर्शिका
पिछले साल 2018 में मणिमहेश कैलास दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।अब अगले वर्ष 2019 में शेष 4 कैलासों में से कौनसे कैलास पर्वत के दर्शन किये जाएं?
यह बहुत समय तक अनिश्चित ही रहा।मन कहता श्रीखंड या किन्नर कैलास चला जाए और तन कहता बेटा ये चढ़ाई फिलहाल तेरे बस की नहीं। कैलास मानसरोवर के लिए समय व बजट नहीं।आदि कैलास यात्रा भी जटिल व लम्बी यात्रा है। तो अनंतिम निश्चय किया कि किन्नर कैलास जटिल तो है किन्तु 18-20 किमी का ट्रेक है,अतः पूरी जान झोंककर एक संभावना बनती है।
एक दिन फेसबुक पर एक मित्र का आदि कैलास/ऊँ पर्वत यात्रा वर्णन पोस्ट हुआ।पूरा वृत्तांत तुरंत ही निपटा डाला एवं आदि कैलास/ऊँ पर्वत यात्रा का त्वरित अंतिम निश्चय हो गया।
लगभग 100 संभावित यात्रियों का एक व्हाट्सऐप समूह भी बन गया।अप्रेल में प्राथमिक तौर पर निश्चय हुआ कि 31मई को धारचूला पहुंचा जाए,1 जून को इनरलाईन परमिट मिल जायेगा तत्पश्चात 2 जून से यात्रा प्रारंभ एवं 13,14 जून तक यात्रा संपन्न हो जाएगी।मेंने रानीखेत एक्सप्रेस की बांदीकुई से काठगोदाम की 29जून की टिकट बुक करा ली। मई के प्रारंभ में समूहवासियों ने कलैंडर देखा तो 1जून को शनिवार था।अब शनिवार को SDM कार्यालय खुलेगा या नहीं यह निश्चय नहीं हो पा रहा था।अब अगर 31मई को धारचूला पहुंचे तो दो दिन बेकार में धारचूला रुकना पड़ता।अतः निश्चय हुआ कि पहला समूह 2जून को धारचूला पहुंचे।अब कन्फर्म टिकट कैंसल कराना पड़ा।31 मई की रानीखेत एक्सप्रेस हाऊसफुल थी।ये भयंकर त्रासदी भी इस भीषण गर्मी में ही होनी थी।खैर ये भी यात्री जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
उम्मीद की अंतिम किरण थी 'तत्काल बुकिंग'।
तत्काल बुक किया तो यहाँ भी वेटिंग TQWL1 जो कन्फर्म नहीं हुई।
आगे के विवरण से पहले भविष्य में आदि कैलास/ऊँ पर्वत यात्रा करने वाले यात्रियों हेतु मेरे कुछ अनुभव।
यह बहुत समय तक अनिश्चित ही रहा।मन कहता श्रीखंड या किन्नर कैलास चला जाए और तन कहता बेटा ये चढ़ाई फिलहाल तेरे बस की नहीं। कैलास मानसरोवर के लिए समय व बजट नहीं।आदि कैलास यात्रा भी जटिल व लम्बी यात्रा है। तो अनंतिम निश्चय किया कि किन्नर कैलास जटिल तो है किन्तु 18-20 किमी का ट्रेक है,अतः पूरी जान झोंककर एक संभावना बनती है।
एक दिन फेसबुक पर एक मित्र का आदि कैलास/ऊँ पर्वत यात्रा वर्णन पोस्ट हुआ।पूरा वृत्तांत तुरंत ही निपटा डाला एवं आदि कैलास/ऊँ पर्वत यात्रा का त्वरित अंतिम निश्चय हो गया।
लगभग 100 संभावित यात्रियों का एक व्हाट्सऐप समूह भी बन गया।अप्रेल में प्राथमिक तौर पर निश्चय हुआ कि 31मई को धारचूला पहुंचा जाए,1 जून को इनरलाईन परमिट मिल जायेगा तत्पश्चात 2 जून से यात्रा प्रारंभ एवं 13,14 जून तक यात्रा संपन्न हो जाएगी।मेंने रानीखेत एक्सप्रेस की बांदीकुई से काठगोदाम की 29जून की टिकट बुक करा ली। मई के प्रारंभ में समूहवासियों ने कलैंडर देखा तो 1जून को शनिवार था।अब शनिवार को SDM कार्यालय खुलेगा या नहीं यह निश्चय नहीं हो पा रहा था।अब अगर 31मई को धारचूला पहुंचे तो दो दिन बेकार में धारचूला रुकना पड़ता।अतः निश्चय हुआ कि पहला समूह 2जून को धारचूला पहुंचे।अब कन्फर्म टिकट कैंसल कराना पड़ा।31 मई की रानीखेत एक्सप्रेस हाऊसफुल थी।ये भयंकर त्रासदी भी इस भीषण गर्मी में ही होनी थी।खैर ये भी यात्री जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
उम्मीद की अंतिम किरण थी 'तत्काल बुकिंग'।
तत्काल बुक किया तो यहाँ भी वेटिंग TQWL1 जो कन्फर्म नहीं हुई।
आगे के विवरण से पहले भविष्य में आदि कैलास/ऊँ पर्वत यात्रा करने वाले यात्रियों हेतु मेरे कुछ अनुभव।
1 इस यात्रा हेतु जून व सितम्बर-अक्टूबर का महीना बेस्ट है(अगर इस वर्ष की भांति घनघोर बर्फ ना गिरे तो)
जुलाई-अगस्त(मानसून सीजन) भूल कर भी इस यात्रा पर ना जाएं क्योंकि पूरा यात्रा मार्ग लेंडस्लाईड प्रोन जोन है।(बिन बारिश ही हमसे पहले लमारी के पास भयंकर लेंडस्लाईड हुआ था)
2 धारचूला इस यात्रा का बेसकेंप है। धारचूला,पिथौरागढ़(उत्तराखंड) की एक तहसील है।
काठगोदाम व हलद्वानी से धारचूला के लिए प्रतिदिन सुबह 6 बजे सीधी 2 ट्रैवलर गाड़ी चलती हैं।जिनमें यात्रा पूर्व ड्राईवर को फोन कर सीट बुक करना बेस्ट रहेगा।बिना बुक किये सीट मिलने की संभावना नगण्य है।इसका किराया 700₹ प्रति व्यक्ति है व यह धारचूला पहुंचने का सबसे सस्ता आरामदायक माध्यम है(हाईली रिकमन्डेड)।ड्राईवर के नंबर में अगली पोस्ट में शेयर कर दूंगा।
हलद्वानी से सुबह 6 बजे धारचूला के लिए उत्तराखंड रोडवेज की बस भी चलती है जो लगभग 13 घंटे लेती है और आप बहुत थक जाते हो।
आनंद विहारISBT दिल्ली से शाम 4:30 पर धारचूला के लिए सीधी बस है जो अगले दिन 4:30 पर धारचूला पहुंचती है।(नाॅट रिकमन्डेड)
काठगोदाम लेट पहुंचने पर पिथौरागढ में रात्रि विश्राम किया जा सकता है।
3 इनरलाईन परमिट: इस यात्रा का वीजा पासपोर्ट सब कुछ यही है।
इनरलाईन परमिट SDM धारचूला द्वारा जारी किया जाता है।
आवश्यक दस्तावेज :
1 आधार कार्ड(अन्य आई डी)
2. 4 पासपोर्ट साईज फोटो
3 पुलिस वैरिफिकेशन चरित्र प्रमाण पत्र(अपने थाने का) अगर ना भी बन पाये तो धारचूला थाने से बन जाता है।
4 मेडीकल सर्टिफिकेट(ये धारचूला हाॅस्पीटल से ही बना मान्य होगा फीस 150₹ )
5 नोटेरी शपथ पत्र (SDM ऑफिस के बगल में अंबेडकर मूर्ति के पीछे से बन जाएगा फीस 120₹)
3 इनरलाईन परमिट मिल जाने पर टैक्सी से नजंग जाने के लिए10 लोगों का ग्रुप बना लें(किराया250₹) अन्यथा आपको 2000-2500₹ में पर्सनल बुक करके ले जानी होगी।
4 नजंग समय से पहुंच जाएं तो नजंग टाॅप पर पहुंच रात्रि विश्राम का प्रयास करें इससे अगले दिन बुद्दी तक पहुंचना आसान हो जायेगा।
जुलाई-अगस्त(मानसून सीजन) भूल कर भी इस यात्रा पर ना जाएं क्योंकि पूरा यात्रा मार्ग लेंडस्लाईड प्रोन जोन है।(बिन बारिश ही हमसे पहले लमारी के पास भयंकर लेंडस्लाईड हुआ था)
2 धारचूला इस यात्रा का बेसकेंप है। धारचूला,पिथौरागढ़(उत्तराखंड) की एक तहसील है।
काठगोदाम व हलद्वानी से धारचूला के लिए प्रतिदिन सुबह 6 बजे सीधी 2 ट्रैवलर गाड़ी चलती हैं।जिनमें यात्रा पूर्व ड्राईवर को फोन कर सीट बुक करना बेस्ट रहेगा।बिना बुक किये सीट मिलने की संभावना नगण्य है।इसका किराया 700₹ प्रति व्यक्ति है व यह धारचूला पहुंचने का सबसे सस्ता आरामदायक माध्यम है(हाईली रिकमन्डेड)।ड्राईवर के नंबर में अगली पोस्ट में शेयर कर दूंगा।
हलद्वानी से सुबह 6 बजे धारचूला के लिए उत्तराखंड रोडवेज की बस भी चलती है जो लगभग 13 घंटे लेती है और आप बहुत थक जाते हो।
आनंद विहारISBT दिल्ली से शाम 4:30 पर धारचूला के लिए सीधी बस है जो अगले दिन 4:30 पर धारचूला पहुंचती है।(नाॅट रिकमन्डेड)
काठगोदाम लेट पहुंचने पर पिथौरागढ में रात्रि विश्राम किया जा सकता है।
3 इनरलाईन परमिट: इस यात्रा का वीजा पासपोर्ट सब कुछ यही है।
इनरलाईन परमिट SDM धारचूला द्वारा जारी किया जाता है।
आवश्यक दस्तावेज :
1 आधार कार्ड(अन्य आई डी)
2. 4 पासपोर्ट साईज फोटो
3 पुलिस वैरिफिकेशन चरित्र प्रमाण पत्र(अपने थाने का) अगर ना भी बन पाये तो धारचूला थाने से बन जाता है।
4 मेडीकल सर्टिफिकेट(ये धारचूला हाॅस्पीटल से ही बना मान्य होगा फीस 150₹ )
5 नोटेरी शपथ पत्र (SDM ऑफिस के बगल में अंबेडकर मूर्ति के पीछे से बन जाएगा फीस 120₹)
3 इनरलाईन परमिट मिल जाने पर टैक्सी से नजंग जाने के लिए10 लोगों का ग्रुप बना लें(किराया250₹) अन्यथा आपको 2000-2500₹ में पर्सनल बुक करके ले जानी होगी।
4 नजंग समय से पहुंच जाएं तो नजंग टाॅप पर पहुंच रात्रि विश्राम का प्रयास करें इससे अगले दिन बुद्दी तक पहुंचना आसान हो जायेगा।
यात्रा रूट:
धारचूला-50km(टैक्सी से)नजंग-4kmमालपा-3kmछंकन-2kmलमारी-9kmबुद्दी-3kmछियालेख-4kmगर्ब्यांग-9kmनपलच्यांग-1kmगुंजी-9kmकालापानी-9kmनाभीडांग(ऊँ पर्वत-18km (वापसी)-गुंजी-2kmनाबी-16kmकुटी-18kmजोलिंगकाँग(आदि कैलास)- 18kmवापसी)कुटी-18kmगुंजी-17kmबुद्दी -18नजंग-( टैक्सी से)50kmधारचूला
जारी रहेगा...
इनरलाईन परमिटधारचूला-50km(टैक्सी से)नजंग-4kmमालपा-3kmछंकन-2kmलमारी-9kmबुद्दी-3kmछियालेख-4kmगर्ब्यांग-9kmनपलच्यांग-1kmगुंजी-9kmकालापानी-9kmनाभीडांग(ऊँ पर्वत-18km (वापसी)-गुंजी-2kmनाबी-16kmकुटी-18kmजोलिंगकाँग(आदि कैलास)- 18kmवापसी)कुटी-18kmगुंजी-17kmबुद्दी -18नजंग-( टैक्सी से)50kmधारचूला
जारी रहेगा...
कैंची धाम नीब करौरी महाराज अल्मोडा
धारचूला के रास्ते में
धारचूला के रास्ते में।




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