मणिमहेश यात्रा मार्गदर्शन

इस वर्ष 24 अगस्त2019 से 6 सितम्बर के मध्य मणिमहेश कैलास यात्रा का आयोजन हो रहा है।
हम पिछले साल इस यात्रा पर गये थे।बहुत मित्रों द्वारा इस यात्रा संबंधी जानकारी चाही गई है।उनके विभिन्न प्रश्नों के उत्तर इस ब्लाॅग में देने का प्रयास कर रहा हूं।

1 मणिमहेश की अवस्थिति: मणिमहेश कैलास हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की भरमौर तहसील में अवस्थित है।यहाँ देश के किसी भी भाग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।सर्वाधिक सुगम रूट पठानकोट होकर है।पठानकोट व पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशनों पर जम्मू जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों का ठहराव है।दिल्ली से सम्पर्क क्रांति  सबसे उचित है जो सुबह 4:30 पर पठानकोट पहुंच जाती है।हम मथुरा से झेलम एक्स. से गये थे।कुल मिलाकर बात यह है कि आप दिन के 1 बजे तक पठान कोट पहुंच जायेंगे तो उसी दिन भरमौर तक पहुंच ही जायेंगे। पठानकोट से नियमित अंतराल पर चम्बा के लिए बसें उपलब्ध हैं,दूरी लगभग 120kmहै व समय लगभग 5 घंटे लग जाता है।चम्बा से भरमौर लगभग 60किमी है व यात्रा सीजन में पर्याप्त बसें उपलब्ध रहती हैं।ये बसें लगभग3:30-4 घंटे का समय लेती हैं व किराया 100₹।यात्रा सीजन में ये बसें ठसाठस चलती हैं।भरमौर से हड़सर 12 किमी है व समय 45-40 मिनट लगता है पर्याप्त मात्रा में शेयर टैक्सी व बसें उपलब्ध हैं।कुछ टैक्सी निशुल्क भी हडसर भरमौर के बीच चलती हैं।

2 यात्रा करने के विकल्पः
यात्रा पूर्ण करने के आपको 3 विकल्प उपलब्ध हैं।
1ट्रैकिंग(सबसे बैस्ट अगर मीडियम लेबल की फिटनेस है,15-16 किमी में 2200 मीटर से 4200 मीटर चढ़ना है।)
2खच्चर पर लद कर(इस विकल्प में पूरे समय जान हलक में अटकी रहनी है)
3 हैलीकाॅप्टर(अगर फिटनेस वीक है तो भरमौर से गौरीकुंड हैलीपैड तक नियमित उडानें उपलब्ध हैं।पिछले साल एक तरफ का किराया 2900₹ व दोनों तरफ का 5800 था।केवल 24 घंटे पहले एडवांस बुकिंग उपलब्ध रहेगी बेबसाईट http://manimahesh.utair-india.com/)
बुकिंग यात्रा सीजन से कुछ दिन पूर्व खुलेगी
जानकारी अपडेट हेतु hpchamba.nic.in पर लाॅगिन करते रहें)

3 ठहरना व खाना:
यात्रा सीजन में बनिखेत या कहिए पठानकोट से ही जगह जगह लंगरों में निशुल्क स्वच्छ व स्वादिष्ट भोजन का इंतजाम है।पूरे यात्रा मार्ग में जगह जगह ढेरों लंगर मिलेंगे जहाँ रहने खाने का मुफ्त इंतजाम है।
हम भरमौर व हडसर में होमस्टे में 100₹ प्रति व्यक्ति रुके थे।

4 यात्रा रूट
वर्तमान में 3 रूट प्रचलित हैं।
1वाया हडसर
2वाया कुगती(परिक्रमा रूट)
3 वाया होली
इन सबमें हडसर वाला रूट सर्वाधिक सुगम व प्रचलित है।जिनको परिक्रमा करनी हो वो हडसर से आगे कुगती पहुंचें व ग्रुप बना कर ही यात्रा करें यहाँ भालू व लेपर्ड का से सामना हो सकता है।पहले दिन हनुमान शिला पर विश्राम करें यात्रा सीजन में यहाँ रहने  खाने की व्यवस्था रहती है।अगले दिन धाम घोडी जोत को पार कर गौरीकुंड व मणिमहेश लेक पहुंचें।वापसी हडसर वाले मार्ग से करें।
हडसर होकर जाने पर धन्चो से आगे 3 रूट हैं।
1बन्दरघाटी होकर(शाॅर्ट है पर खडी चढाई है।)
2हैलीपैड मार्ग(ये भी शाॅर्ट है पर चढने में कठिन है)
3 फव्वारा मार्ग(थोडा लम्बा है पर अपेत्क्षाकृत कम खडा है)
हमने चढते समय फब्बारा मार्ग व उतरते समय हैलीपैड मार्ग लिया था(रिकमन्डैड)
होली वाले मार्ग से अधिकांशतः लोकल लोग सुखडली पार कर मणिमहेश आते हैं(सर्वाधिक कम प्रचलित मार्ग)

नोट:
1 एक अच्छी व हल्की बरसाती या पोन्चो अत्यावश्यक है।
2खच्चरों से पहाड की तरफ बचें ना कि घाटी की तरफ
3 धीरे धीरे पहले गियर में चढें😁
4 गौरीकुंड या इससे ऊपर बहुत ठंड रहेगी बहुत बोले तो -5 डिग्री तक(में पूरी रात 5कंबलों में ठंड के दाँतों को किटकिटाता रहा था😣)तो पर्याप्त हल्के व गर्म कपडे साथ रखें।
5 शाॅर्ट कट लेने से हमेशा बचें।
6रात में यात्रा न करें।
7पूरी यात्रा में पानी की कोई कमी नहीं हैफिर भी आधा लीटर पानी भरकर हमेशा साथ रखें।
8 अगर ऊपर पहुंचकर स्वयं में AMS के लक्षण प्रतीत हों तो नीचे उतर आयें।
9 अपने साथ फालतू वजन लेकर बिल्कुल ना चढें।आवश्यक गर्म कपडे,दवाई,बरसाती व पानी की बोतल ही साथ रखें तथा बैग को हडसर में ही एक दुकान है उस पर 50₹ में जमा कर रसीद ले लें।
10 पहाडों में बस द्वारा यात्रा करने में मोशन सिकनेस काॅमन है।बस में बैठने से पूर्व 'ऐवोमाईन' टैबलेट लेने से मोशन सिकनेस प्रभावी नहीं रहता।(स्वयं द्वारा अनुभूत)
11 भरमौर में 84 मंदिर अवश्य ही जाना है।(मोस्ट रिकमन्डेड)समय हो तो भरमानी देवी भी हो आयें।
12मोस्ट इम्पोर्टेंट😁 मणिमहेश झील का पवित्र जल लाने के लिए वहाँ प्लास्टिक बाॅटल मिलती हैं,खरीदने से पहले लीकेज जरूर चैक कर लें।मोस्टली बाॅटल लीक करती हैं।हम अपने अथक प्रयासों द्वारा आधे से भी कम जल बचा पाये थे😣
13समय उपलब्ध हो तो पहले दिन धन्चो या इससे थोडा ऊपर ही रात्रि विश्राम करें।आपका शरीर हाई ऐल्टीट्यूड के प्रति अनुकूलित हो जायेगा
14किसी अन्य क्वैरी के लिए फेसबुक पर मुझे पर्सनल मैसेज कर दें।

Comments

Popular posts from this blog

बटेसरः खंडहरों का पुनर्जन्म

रं देश में-धारचूला (ओम पर्वत यात्रा भाग2)

रं देश में (ओम पर्वत/आदि कैलास यात्रा वृत्तांत)